Hotel Jagannath से पुणे घूमने निकलें, तो नदी किनारे कुछ समय बिताने के लिए बंड गार्डन एक सार्वजनिक हरित स्थल है। महात्मा गांधी उद्यान के नाम से भी जाना जाने वाला यह उद्यान नदी किनारे बसा है और इसका इतिहास शहर की जलापूर्ति से जुड़ा है; निकलने से पहले वहाँ पहुँचने की मौजूदा जानकारी ज़रूर जाँच लें।
- जगह: बंड गार्डन रोड, पुणे स्टेशन और कोरेगांव पार्क के बीच।
- परिवेश: मुला-मुठा नदी के किनारे।
- इतिहास: 1869 में जनता के लिए खोला गया।
- प्रवेश: उद्यान के मौजूदा खुलने के समय, प्रवेश के नियम और शुल्क की पुष्टि करना ज़रूरी है।
बंड गार्डन कहाँ है और वहाँ क्या देखने को मिलेगा?

बंड गार्डन, मुला-मुठा नदी के किनारे बंड गार्डन रोड पर, पुणे स्टेशन और कोरेगांव पार्क के बीच स्थित है। पुणे महानगरपालिका इस उद्यान की देखरेख करती है। यह 1869 में जनता के लिए खोला गया था और महानगरपालिका की पर्यावरण स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर से दक्षिण तक इसकी लंबाई 180 यार्ड है।
इस उद्यान का नाम मुला नदी पर बने एक बाँध से पड़ा है। नदी किनारे की यह जगह इसके इतिहास का अहम हिस्सा है: पुणे कैंटोनमेंट को पानी पहुँचाने के लिए 1850 में पुराना बाँध बनाया गया था। ठहरे हुए पानी से मच्छरों की समस्या और दलदली ज़मीन बनने के बाद, 1934 में इसकी ऊँचाई कम कर दी गई। बाद में 1961 की पानशेत बाढ़ ने उद्यान के बचे हुए ऐतिहासिक स्वरूप को काफी नुकसान पहुँचाया।
नदी किनारे का माहौल कैसा है?

मुला-मुठा नदी का किनारा बंड गार्डन के दृश्य की खास पहचान है। पहले यहाँ नियमित रूप से संगीत भी सुनाई देता था: एक सैन्य बैंड सप्ताह में दो या तीन बार बजता था। यह इतिहास से जुड़ी जानकारी है, आज के कार्यक्रमों का समय नहीं।
यह उद्यान नाविकों के युद्ध स्मारक से भी जुड़ा है, जो सेवा के दौरान जान गँवाने वाले 7,955 भारतीय नाविकों की स्मृति में बनाया गया है: इनमें से 1,841 ने प्रथम विश्व युद्ध और 6,114 ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जान गँवाई। नदी, उद्यान और स्मारक मिलकर इस जगह की बदलती भूमिका का एहसास कराते हैं—जलापूर्ति से जुड़े स्थल से लेकर स्थानीय इतिहास की कई परतों वाले सार्वजनिक हरित क्षेत्र तक।
Hotel Jagannath से बंड गार्डन कैसे पहुँचें?

Hotel Jagannath से कार द्वारा बंड गार्डन पहुँचने में लगभग 19 मिनट लग सकते हैं। पुणे मेट्रो के अनुसार, बंड गार्डन स्टेशन मुला-मुठा नदी के किनारे, पुणे कैंटोनमेंट के पास है। होटल के बारे में अधिक जानकारी के लिए पुणे के इस चार सितारा होटल को देखें।
मेट्रो स्टेशन पर आगे की यात्रा के लिए वाहन सेवाएँ, टिकट काउंटर, एटीएम, दिशा-सूचक बोर्ड, पैदल पार-पुल, सड़क से प्लेटफ़ॉर्म तक स्पर्श-संवेदी रास्ते और शिशु-देखभाल कक्ष हैं। ये स्टेशन की सुविधाएँ हैं; इनसे उद्यान में प्रवेश की व्यवस्था की जानकारी नहीं मिलती। आप उद्यान घूमने के साथ शहर के एक अन्य प्रसिद्ध उद्यान, सरसबाग, भी देख सकते हैं।
जाने से पहले किन बातों की जाँच करें?

जाने से पहले उद्यान के मौजूदा खुलने के समय, प्रवेश के नियम और किसी भी शुल्क की पुष्टि कर लें। पुणे मेट्रो की स्टेशन संबंधी जानकारी में उद्यान के ये विवरण नहीं दिए गए हैं, इसलिए स्टेशन की सुविधाओं को उद्यान में प्रवेश की जानकारी न समझें। प्रवेश से जुड़ी मौजूदा जानकारी के लिए जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट देखें।
अगर आप सार्वजनिक परिवहन से जाने की योजना बना रहे हैं, तो अपने सफ़र का मार्ग और समय-सारणी भी जाँच लें।
बंड गार्डन के साथ और क्या देखा जा सकता है?
पुणे में किसी दूसरे उद्यान को देखने के साथ बंड गार्डन की सैर भी की जा सकती है। सरसबाग शहर का एक और प्रसिद्ध उद्यान है; सरसबाग के उद्यान और मंदिर की मार्गदर्शिका आपको दोनों जगहों को एक साथ देखने की योजना बनाने में मदद कर सकती है। हर जगह के प्रवेश की पुष्टि की गई जानकारी के आधार पर घूमने का क्रम तय करें—यह मानकर न चलें कि दोनों के खुलने का समय या प्रवेश की व्यवस्था एक जैसी होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बंड गार्डन का दूसरा नाम क्या है?
बंड गार्डन को महात्मा गांधी उद्यान के नाम से भी जाना जाता है।
इसे बंड गार्डन क्यों कहा जाता है?
इसका नाम मुला नदी पर बने बाँध से पड़ा है।
बंड गार्डन जनता के लिए कब खोला गया था?
यह 1869 में जनता के लिए खोला गया था।
क्या बंड गार्डन के खुलने के समय और प्रवेश शुल्क की जानकारी उपलब्ध है?
जाने से पहले उद्यान के मौजूदा खुलने के समय, प्रवेश के नियम और शुल्क की पुष्टि करना ज़रूरी है।
