शिंदे छत्री पुणे के वानोवरी में मराठा नेता महादजी शिंदे का स्मारक है। इस परिसर में शिव मंदिर और एक स्मारक भवन है। यहाँ देखने लायक बारीकियों में पत्थर पर की गई नक्काशी और रंगीन काँच शामिल हैं।
- स्थान: वानोवरी, पुणे
- आम तौर पर बताए जाने वाले समय: रोज़ खुला रहता है
- घूमने का समय: 45 मिनट से 1 घंटे का समय रखें

शिंदे छत्री किसकी स्मृति में बनाई गई
शिंदे छत्री महादजी शिंदे की स्मृति में बनाई गई है, जिन्हें महादजी सिंधिया के नाम से भी जाना जाता था। वह मराठा नेता थे और 1794 में पुणे में उनका निधन हुआ। उन्होंने इस जगह पर शिव मंदिर बनवाया था। बाद में उनके परिवार ने मंदिर के पास एक स्मारक भवन बनवाया।
परिसर के ये दोनों हिस्से इसी इतिहास को दर्शाते हैं: मंदिर और स्मारक भवन, जिसे छत्री कहा जाता है। यह स्थल पुणे के वानोवरी इलाके में है।

वास्तुकला और देखने लायक बारीकियाँ
स्मारक भवन पत्थर की नक्काशी, रंगीन काँच और शिंदे परिवार के चित्रों के लिए जाना जाता है। छत्री की वास्तुकला एंग्लो-राजस्थानी शैली की है।
परिसर में घूमते हुए ध्यान दें कि भवन और मंदिर एक-दूसरे के साथ किस तरह बने हैं। पत्थर की नक्काशी और रंगीन काँच स्मारक भवन को एक अलग पहचान देते हैं।
शिंदे छत्री कैसे पहुँचें?

आप होटल जगन्नाथ से बस, टैक्सी या ऑटो से शिंदे छत्री पहुँच सकते हैं। यह स्थल पुणे जंक्शन से लगभग 6 किलोमीटर दूर है।
शहर में पूरे दिन घूमने की योजना हो, तो इस यात्रा के साथ दूसरे पड़ाव भी रख सकते हैं।
पुणे की एक-दिवसीय यात्रा-योजना शहर घूमने का मार्ग बताती है।

खुलने का समय, प्रवेश और आगंतुकों के लिए शिष्टाचार
आम तौर पर खुलने का समय सुबह 6:00 बजे से रात 9:00 बजे तक बताया जाता है। प्रवेश शुल्क भारतीय आगंतुकों के लिए ₹5 से ₹20 और विदेशी आगंतुकों के लिए ₹25 से ₹200 तक बताया जाता है। जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी जाँच लें, खासकर मौजूदा प्रवेश शुल्क।
खुलने का समय
- सोमवार से रविवार: 7:00–20:00
आख़िरी बार नवंबर 2026 में जाँचा गया। छुट्टियों और विशेष आयोजनों के दौरान समय बदल सकता है।
घूमने के लिए 45 मिनट से 1 घंटे का समय रखें। परिसर में छाता बंद रखें और मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने से पहले जूते-चप्पल उतार दें।
शिंदे छत्री के साथ और कहाँ घूम सकते हैं?
एम्प्रेस गार्डन और राष्ट्रीय युद्ध स्मारक को शिंदे छत्री के साथ घूमने लायक नज़दीकी जगहों में शामिल किया जाता है। स्मारक को यात्रा का एक पड़ाव रखें और फिर पुणे की अपनी यात्रा-योजना में इनमें से किसी एक जगह को जोड़ें।
शहर में एक और विरासत स्थल देखने के लिए राजा दिनकर केलकर संग्रहालय की यात्रा-मार्गदर्शिका पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
महादजी शिंदे कौन थे?
महादजी शिंदे, जिन्हें महादजी सिंधिया के नाम से भी जाना जाता था, एक मराठा नेता थे। यह स्थल उनकी स्मृति में बनाया गया है। 1794 में पुणे में उनका निधन हुआ।
शिंदे छत्री परिसर में क्या-क्या है?
इस परिसर में शिव मंदिर और छत्री के नाम से जाना जाने वाला स्मारक भवन है।
यहाँ घूमने के लिए कितना समय रखें?
परिसर घूमने के लिए 45 मिनट से 1 घंटे का समय रखें।
